ईडन गार्डेंस में KKR की करारी हार: सनराइजर्स हैदराबाद ने 65 रनों से जीता मैच
लेकिन, सनराइजर्स हैदराबाद की टीम मैदान पर कुछ अलग ही सोच के साथ उतरी थी। टॉस हारकर पहले बैटिंग करने के बावजूद हैदराबाद के बल्लेबाजों ने कोई दबाव नहीं लिया और शुरुआत से ही कोलकाता के गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी हो गए। उन्होंने कोलकाता के पहले गेंदबाजी करने के फैसले को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया। नतीजा यह हुआ कि सनराइजर्स हैदराबाद ने कोलकाता को अपने होमग्राउंड पर ही 65 रनों के एक बहुत बड़े स्कोर से हरा दिया।
इस मैच में हैदराबाद ने खेल के हर हिस्से में शानदार प्रदर्शन किया। टी20 फॉर्मेट में 65 रनों की जीत एक बहुत बड़ी जीत मानी जाती है। इस हार से कोलकाता को अपने ही घर में काफी निराशा हाथ लगी और उनके नेट रन रेट पर भी असर पड़ा। वहीं दूसरी तरफ, सनराइजर्स हैदराबाद ने इस धमाकेदार जीत के साथ टूर्नामेंट में अपना दबदबा और भी मजबूत कर लिया। टॉस हारने के बावजूद हैदराबाद ने अपनी आक्रामक सोच से मैच को पूरी तरह से अपने नाम कर लिया।
SRH की तूफानी बल्लेबाजी: 226 रनों का विशाल स्कोर
टॉस हारने के बाद सनराइजर्स हैदराबाद की टीम जब पहले बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरी, तो उनके इरादे बिल्कुल साफ थे। शुरुआत से ही उनके ओपनर बल्लेबाजों ने कोलकाता नाइट राइडर्स के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। ट्रैविस हेड और अभिषेक शर्मा की जोड़ी ने पावरप्ले के ओवरों का भरपूर फायदा उठाया और मैदान के हर तरफ शानदार चौके-छक्के लगाए। अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 21 गेंदों का सामना करते हुए ताबड़तोड़ 48 रन बनाए। उन्होंने अपनी इस छोटी लेकिन तेज पारी से टीम को एक मजबूत शुरुआत दी। वहीं दूसरी तरफ, ट्रैविस हेड ने भी बिल्कुल वैसी ही आक्रामक बल्लेबाजी की। हेड ने भी मात्र 21 गेंदों में 46 रन ठोक दिए। इन दोनों की तेज शुरुआत की वजह से हैदराबाद का पावरप्ले का स्कोर 84/1 तक पहुंच गया था, जिसने मैच की नींव और एक बड़े स्कोर का आधार रख दिया।
जब ये दोनों ओपनर आउट हुए, तो ऐसा लगा कि शायद रनों की रफ्तार थोड़ी कम होगी, लेकिन मिडिल ऑर्डर में हेनरिक क्लासेन ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली। क्लासेन ने बहुत ही समझदारी और आक्रामकता का बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए 35 गेंदों में शानदार 52 रनों की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में खराब गेंदों को बाउंड्री के पार भेजा और लगातार स्ट्राइक रोटेट करके स्कोरबोर्ड को रुकने नहीं दिया। उनके साथ नीतीश कुमार रेड्डी ने भी एक बहुत ही अहम और तेज पारी खेली। नीतीश ने सिर्फ 24 गेंदों में 39 रन जोड़े, जो टीम के कुल स्कोर को और ज्यादा ऊंचाई तक ले जाने में बहुत काम आए।
कोलकाता की तरफ से सिर्फ तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ही ऐसे रहे जो कुछ हद तक प्रभाव डाल सके। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पेल में 41 रन देकर 4 अहम विकेट झटके। हालांकि, मुजरबानी की इस अच्छी गेंदबाजी के बावजूद सनराइजर्स हैदराबाद की पूरी टीम ने 20 ओवर खत्म होने तक 8 विकेट के नुकसान पर 226 रनों का एक विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। इस बड़े और पहाड़ जैसे स्कोर ने कोलकाता की टीम पर मैच की दूसरी पारी शुरू होने से पहले ही बहुत भारी मनोवैज्ञानिक दबाव डाल दिया था।
KKR की लड़खड़ाती पारी: 227 के जवाब में सिर्फ 161 रनों पर ढेर
इस मुश्किल घड़ी में जब टीम बिखर रही थी, तब सिर्फ अंगकृष रघुवंशी ही ऐसे बल्लेबाज रहे जिन्होंने हिम्मत दिखाते हुए हैदराबाद के गेंदबाजों का डटकर सामना किया। जब एक तरफ से लगातार विकेट गिर रहे थे, तब अंगकृष ने अकेले मोर्चा संभाला और बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए मात्र 29 गेंदों में 52 रन जड़ दिए। अपनी इस शानदार और तेज अर्धशतकीय पारी में उन्होंने कुछ बेहद आकर्षक शॉट्स लगाए। उनके अलावा धाकड़ बल्लेबाज फिन एलन ने भी कुछ आक्रामक शॉट्स खेलकर तेज रन बटोरे और अपनी टीम की पारी में जान फूंकने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह भी कोई लंबी पारी नहीं खेल सके। इन दोनों खिलाड़ियों के अलावा कोलकाता का कोई भी दूसरा बल्लेबाज पिच पर समय नहीं बिता पाया और दबाव में आकर अपने विकेट फेंकता चला गया।
गेंदबाजी की बात करें तो सनराइजर्स हैदराबाद के अनुभवी तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट का प्रदर्शन सबसे लाजवाब रहा। उनादकट ने अपनी चतुराई भरी गेंदबाजी से मैच को पूरी तरह से हैदराबाद के पक्ष में झुका दिया। उन्होंने बहुत ही कसी हुई लाइन और लेंथ पर गेंद फेंकी और अपने स्पेल में सिर्फ 21 रन देकर 3 सबसे अहम विकेट झटक लिए। उनादकट की इन विकेटों ने कोलकाता की बची-खुची उम्मीदों को भी पूरी तरह से खत्म कर दिया। बड़े लक्ष्य के भारी दबाव और हैदराबाद की धारदार गेंदबाजी के इस मिले-जुले असर का ही नतीजा था कि 227 रनों का पीछा करते हुए कोलकाता की पूरी टीम पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल सकी। उनकी पूरी पारी सिर्फ 16 ओवर में ही 161 रनों पर सिमट गई और टीम ऑल आउट हो गई।
मैच के हीरो (Player of the Match): नीतीश कुमार रेड्डी का अहम योगदान
नीतीश कुमार रेड्डी जब बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर उतरे थे, तब टीम को एक मजबूत साझेदारी और तेजी से रनों की जरूरत थी। ओपनर बल्लेबाजों के आउट होने के बाद एक ऐसा समय था जब रनों की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती थी और दबाव बन सकता था। ऐसे नाजुक समय में नीतीश ने बिल्कुल भी घबराहट महसूस नहीं की। उन्होंने बहुत ही शांत दिमाग से खेलना शुरू किया और दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। उनका यह निडर रवैया टीम के लिए बहुत फायदेमंद साबित हुआ।
अपनी इस शानदार पारी में नीतीश कुमार रेड्डी ने सिर्फ 24 गेंदों का सामना किया और बहुत ही तेजी से महत्वपूर्ण 39 रन बना डाले। टी20 क्रिकेट में बीच के ओवरों में इतनी कम गेंदों पर 39 रन बनाना बहुत ही अहम होता है। उन्होंने अपनी इस पारी के दौरान कुछ बहुत ही शानदार और जोरदार शॉट्स भी लगाए और स्ट्राइक रोटेट करते रहे। नीतीश ने दूसरे छोर पर खड़े बल्लेबाजों का अच्छा साथ दिया और टीम के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया।
कई बार लोगों को लगता है कि सिर्फ 50 या 100 रन बनाने वाले बड़े खिलाड़ी ही मैन ऑफ द मैच बनते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। इस मैच में नीतीश की 39 रनों की पारी का असर किसी भी बड़े अर्धशतक से कम नहीं था। उनकी इस तेज और सूझबूझ भरी पारी की बदौलत ही हैदराबाद की टीम 226 रनों का एक विशाल स्कोर खड़ा करने में सफल रही। टीम की जरूरत के वक्त खेली गई इसी समझदारी भरी पारी के कारण उन्हें मैच का हीरो चुना गया।
निष्कर्ष और सूझाव: SRH के हौसले बुलंद, KKR को लेनी होगी सीख
सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की इस शानदार जीत से उनका आत्मविश्वास अब पूरी तरह से सातवें आसमान पर पहुंच गया होगा। कोलकाता जैसी मजबूत टीम को उसी के घर में 65 रनों से हराना कोई छोटी बात नहीं है। इस मैच से यह साबित हो गया है कि हैदराबाद की टीम इस बार पूरी तैयारी के साथ आई है। उनके बल्लेबाजों ने जिस निडर अंदाज में 226 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया, वह बाकी टीमों के लिए एक खतरे की घंटी है। इस बड़ी जीत से उनका नेट रन रेट भी काफी अच्छा हो गया है, जो आगे चलकर टूर्नामेंट के आखिरी मैचों में उनके बहुत काम आएगा।
दूसरी तरफ, कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को इस करारी हार से बहुत कुछ सीखने और अपनी गलतियों को सुधारने की जरूरत है। अपने ही घर में मिली यह हार उन्हें अपनी रणनीति पर गहराई से सोचने के लिए मजबूर करेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का उनका फैसला पूरी तरह से गलत साबित हुआ। उनके गेंदबाजों को रन रोकने और बीच के ओवरों में विकेट निकालने के नए तरीके खोजने होंगे। इसके अलावा, बल्लेबाजों को भी यह समझना होगा कि बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय दबाव में आकर विकेट फेंकने से बचना चाहिए और लंबी साझेदारी बनानी चाहिए।
इस हार के बाद कोलकाता की टीम को बहुत जल्द वापसी करनी होगी, वरना टूर्नामेंट में उनका आगे का सफर मुश्किल हो सकता है। उन्हें अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में तालमेल बिठाना होगा ताकि आगे आने वाले मैचों में ऐसी गलतियां दोबारा न हों। दूसरी ओर, सनराइजर्स हैदराबाद की टीम अपनी इसी शानदार लय और जोश को आगे के मैचों में भी बरकरार रखना चाहेगी। टूर्नामेंट अभी काफी लंबा है और आने वाले समय में हमें ऐसे कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।
अंत में, इस मैच ने यह दिखा दिया है कि टी20 क्रिकेट में कोई भी टीम किसी भी दिन मैच का रुख पलट सकती है। मैच का नतीजा भले ही हैदराबाद के पक्ष में एकतरफा रहा हो, लेकिन इसने फैंस को खूब मनोरंजन दिया। अब हम इस मैच की चर्चा को यहीं खत्म करते हैं, लेकिन जाने से पहले आप सभी पाठकों से एक सवाल है।
आप हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं कि आपके हिसाब से कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की इस करारी हार की सबसे बड़ी वजह क्या रही
खराब गेंदबाजी?
बल्लेबाजों का फ्लॉप होना?
फिर टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का गलत फैसला?
Writer / Author – M Hasan


