परिचय : विराट कोहली की फिटनेस और युवाओं का क्रेज़
एक समय था जब भारतीय क्रिकेट में फिटनेस को इतनी ज्यादा अहमियत नहीं दी जाती थी, लेकिन विराट ने आकर खिलाड़ियों की फिटनेस का पूरा स्टैंडर्ड ही बदल दिया। आज हर कोई जानना चाहता है कि आखिर 'किंग कोहली' ऐसा क्या खाते हैं जिससे वो इतने ज्यादा फिट रहते हैं। सोशल मीडिया से लेकर जिम तक, हर जगह विराट की डाइट और उनके वर्कआउट रूटीन की चर्चा होती रहती है।
आजकल के युवा जब इंस्टाग्राम या टीवी पर विराट की शानदार फिजिक देखते हैं, तो उनके मन में भी वैसी ही बॉडी बनाने की चाहत जाग उठती है। लोग सोचते हैं कि अगर हम भी बिल्कुल विराट कोहली जैसी डाइट फॉलो करने लगें, तो हम भी कुछ ही दिनों में उनके जैसे चुस्त और एनर्जेटिक बन जाएंगे। इसी चाहत में कई लोग इंटरनेट पर 'विराट कोहली डाइट प्लान' सर्च करते हैं और बिना कुछ सोचे-समझे उनके खाने-पीने के तरीकों की पूरी तरह नकल करना शुरू कर देते हैं।
विराट अपनी डाइट को लेकर कितने सख्त हैं, यह बात किसी से छुपी नहीं है। वह बाहर का जंक फूड नहीं खाते, चीनी से दूर रहते हैं और उनका ज्यादातर खाना उबला हुआ या बहुत कम तेल-मसाले वाला होता है। यह सब सुनकर आम लोग भी जोश में आकर अपने घर के खाने और मसालों से दूरी बनाने लगते हैं।
लेकिन क्या किसी बड़े स्टार को इस तरह से आँख बंद करके फॉलो करना सच में काम करता है? क्या सिर्फ उबला हुआ खाना खाने से आप विराट कोहली जैसे फिट हो जाएंगे? यहीं पर एक बड़ी गलती होती है और इसी वजह से एक जाने-माने डॉक्टर ने विराट की डाइट फॉलो करने की सोच रहे युवाओं को एक बहुत ही जरूरी चेतावनी दी है, जिसे हर आम इंसान को जानना चाहिए।
आखिर कैसी है विराट कोहली की डाइट?
विराट कोहली का खाना-पीना बहुत ही सिंपल है, लेकिन उनके खाने के नियम बेहद सख्त (strict) हैं। अगर हम उनकी डाइट की बात करें, तो उसमें जीभ के स्वाद से ज्यादा शरीर की जरूरत पर ध्यान दिया जाता है। हाल ही में जो खबर सामने आई है और जिस पर डॉक्टर ने भी बात की है, उसमें यह साफ बताया गया है कि विराट का लगभग 80 प्रतिशत खाना पूरी तरह से उबला हुआ (boiled) होता है।
जरा सोचिए, जिस खाने में ना तो हमारे घर जैसे चटपटे मसाले हों और ना ही ढंग का नमक हो, उसे खाना एक आम इंसान के लिए कितना मुश्किल होगा! लेकिन विराट अपनी फिटनेस को लेकर इतने सीरियस हैं कि वह बिना स्वाद वाला ऐसा खाना सालों से खा रहे हैं।
अगर बात करें कि उनकी प्लेट में होता क्या है, तो उनके खाने में सबसे ज्यादा फोकस उन चीजों पर होता है जो शरीर को ताकत दें और थकावट दूर करें। वह अपनी डाइट में ढेर सारी हरी सब्जियां, ताजा सलाद और अच्छी क्वालिटी का प्रोटीन शामिल करते हैं। शरीर को मजबूत रखने के लिए वह बहुत ही सोच-समझकर हेल्दी चीजें चुनते हैं। इसके अलावा, वह खुद को हमेशा हाइड्रेटेड रखते हैं, यानी दिन भर सही मात्रा में खूब पानी पीते हैं। जब उन्हें बीच में हल्की भूख लगती है, तो वो हमारी तरह चिप्स या बिस्किट नहीं खाते, बल्कि ताजे फल या थोड़े सूखे मेवे (नट्स) खाना पसंद करते हैं।
विराट की डाइट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह क्या खाते हैं, उससे कहीं ज्यादा जरूरी यह है कि वह क्या "नहीं" खाते हैं। वह मीठी चीजों यानी चीनी (sugar) से कोसों दूर रहते हैं। बाहर का पैकेट बंद खाना, ज्यादा तेल में तली-भुनी चीजें या पिज्जा-बर्गर जैसा जंक फूड उनके रूटीन में कहीं नहीं होता।
आसान शब्दों में कहें तो, विराट अपने शरीर को एक मशीन की तरह मानते हैं और उसमें सिर्फ सबसे बेहतरीन क्वालिटी का 'ईंधन' डालते हैं। यह डाइट उनके खेल और उनकी लाइफस्टाइल के हिसाब से तो एकदम परफेक्ट है।
लोग क्यों करने लगते हैं सेलिब्रिटीज को कॉपी?
डॉक्टर की चेतावनी: आप विराट कोहली नहीं हैं!
जब लोग इंटरनेट पर वीडियो देखकर आधी-अधूरी जानकारी के साथ अपनी डाइट बदलते हैं, तो यहीं से शरीर के साथ खिलवाड़ शुरू होता है। इसी बड़ी गलती को सुधारने के लिए डॉक्टर रवि गुप्ता ने विराट कोहली की डाइट पर अपना रिएक्शन दिया है और आम लोगों के लिए एक बहुत ही साफ और जरूरी चेतावनी जारी की है। उनका कहना है कि किसी भी सेलिब्रिटी को देखकर अपनी डाइट में अचानक से इतना बड़ा बदलाव कर लेना समझदारी नहीं, बल्कि एक बड़ी गलती साबित हो सकता है।
डॉक्टर ने सबसे पहली और अहम बात यह समझाई है कि विराट कोहली कोई आम इंसान नहीं, बल्कि एक इंटरनेशनल एथलीट हैं। उनका काम ही पूरा दिन मैदान पर पसीना बहाना, घंटों कड़ी प्रैक्टिस करना और जिम में भारी वर्कआउट करना है। इस वजह से उनके शरीर की ऊर्जा और रिकवरी की जरूरतें हम सबसे बिल्कुल अलग होती हैं। दूसरी तरफ, एक आम इंसान जो दिन के 8 से 10 घंटे ऑफिस की कुर्सी पर बैठकर कंप्यूटर पर काम करता है या फिर अपनी पढ़ाई-लिखाई करता है, उसे विराट जैसी इस 'कठोर डाइट' की कोई जरूरत नहीं है।
डॉक्टर आगे बताते हैं कि दुनिया में हर इंसान का शरीर अलग होता है, उसके काम करने का तरीका अलग होता है और उसकी लाइफस्टाइल भी अलग होती है। जो डाइट विराट कोहली के शरीर के लिए एकदम सही काम कर रही है, यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं कि वह आपके शरीर पर भी वैसा ही जादुई असर दिखाए। डॉक्टर ने एक बहुत ही काम की बात कही है कि "आपके लिए वही डाइट सबसे अच्छी है, जिसे आप जिंदगी भर आसानी से फॉलो कर सको।"
बिना किसी डाइटीशियन या हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह लिए अचानक से अपने खाने से नमक, मसाले और घर का नॉर्मल खाना हटा देना आपके शरीर को फायदे की जगह भारी नुकसान पहुंचा सकता है। डॉक्टर की सीधी सी चेतावनी यही है कि हमारे शरीर को घर के खाने और मसालों की आदत होती है, इसलिए किसी स्टार की देखा-देखी में अपना खाना बदलना सेहत के लिए एक बहुत बड़ा रिस्क है।
गलत तरीके से डाइट फॉलो करने के नुकसान
जब कोई आम इंसान बिना सोचे-समझे अचानक से अपनी पूरी डाइट बदल लेता है और सिर्फ उबला हुआ या बिना स्वाद का खाना खाने लगता है, तो शरीर पर इसका बहुत बुरा असर पड़ता है। आइए इसे बहुत ही आसान भाषा में समझते हैं कि इंटरनेट देखकर ऐसा करने से आपको क्या-क्या नुकसान झेलने पड़ सकते हैं।
सबसे पहली और बड़ी दिक्कत आती है भयानक कमजोरी और थकान की। हमारा शरीर बचपन से ही घर की बनी दाल, रोटी, सब्जी और चावल खाने का आदी होता है। जब आप अचानक से शरीर को ये सब देना बंद कर देते हैं और सिर्फ उबला खाना देने लगते हैं, तो शरीर को काम करने के लिए जरूरी ताकत नहीं मिल पाती। नतीजा यह होता है कि आप दिन भर थका-थका महसूस करते हैं। आपका ऑफिस के काम में या पढ़ाई में बिल्कुल मन नहीं लगता, शरीर में सुस्ती छाई रहती है और हर वक्त नींद आती रहती है।
दूसरा बड़ा नुकसान है शरीर में जरूरी पोषण (न्यूट्रिशन) की कमी होना। हमारे भारतीय खाने में इस्तेमाल होने वाले मसालों में बहुत सारे ऐसे गुण होते हैं जो हमें बीमारियों से बचाते हैं। जब आप अचानक से नमक और मसाले पूरी तरह छोड़ देते हैं, तो शरीर अंदर से कमजोर होने लगता है। इसकी वजह से लोगों के बाल तेजी से झड़ने लगते हैं, चेहरे की चमक (ग्लो) गायब हो जाती है और पेट से जुड़ी कई दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। यहां तक कि अचानक से नमक छोड़ देने पर कई लोगों को चक्कर आने या ब्लड प्रेशर कम होने की शिकायत भी होने लगती है।
तीसरा और सबसे बड़ा नुकसान आपके दिमाग और स्वभाव पर होता है। जब आप जबरदस्ती बेस्वाद खाना खाते हैं, तो आप अंदर से बहुत चिड़चिड़े हो जाते हैं। आप शायद जोश-जोश में दो-चार दिन या एक हफ्ते तक उबला खाना खा भी लें, लेकिन उसके बाद आपको कुछ चटपटा खाने की इतनी तेज इच्छा (craving) होगी कि आप खुद को रोक नहीं पाएंगे। इसके बाद आप एक ही बार में ढेर सारा जंक फूड, पिज्जा या समोसे खा लेंगे। इसे डाइटिंग की भाषा में 'यो-यो इफेक्ट' कहते हैं। ऐसा करने से आपका वजन कम होने की बजाय पहले से भी ज्यादा तेजी से बढ़ जाता है। कुल मिलाकर, आधी-अधूरी जानकारी के साथ डाइट बदलना सेहत के लिए बहुत भारी पड़ सकता है।
आपके लिए सही तरीका क्या है? (क्या खाएं और क्या छोड़ें)
वायरल वीडियो में डॉक्टर ने सबसे बेहतरीन सलाह दी है कि हमारा भारतीय घर का खाना अपने आप में बहुत ताकतवर और सेहतमंद है। हमारे किचन में रखे देसी मसाले जैसे हल्दी, जीरा, धनिया और अदरक कोई दुश्मन नहीं हैं, बल्कि ये शरीर के लिए एक तरह की दवा का काम करते हैं। मेडिकल साइंस भी मानता है कि इन मसालों में ऐसे गुण होते हैं जो शरीर की अंदरूनी सूजन (inflammation) को कम करते हैं और बीमारियों से बचाते हैं। इसलिए फिट रहने के लिए मसालों को छोड़ना नहीं है, बस उनका सही मात्रा में इस्तेमाल करना है।
अगर आपको अपनी डाइट में कोई बड़ा बदलाव करना ही है, तो घर का खाना मत छोड़िए, बल्कि बाजार का खाना छोड़िए। आपकी फिटनेस का असली दुश्मन आपके घर की दाल-रोटी नहीं, बल्कि बाहर का पैकेटबंद खाना (Processed Food), कोल्ड ड्रिंक, चिप्स और बहुत ज्यादा चीनी है। अगर आप सिर्फ बाहर का जंक फूड खाना बंद कर दें और मीठा कम कर दें, तो आपकी आधी फिटनेस की समस्या बिना उबला खाना खाए ही खत्म हो जाएगी।
फिटनेस का सबसे सही तरीका यह है कि आप अपनी डाइट को ऐसा बनाएं जिसे आप जिंदगी भर आसानी से फॉलो कर सकें। वजन कम करने या फिट रहने का मतलब भूखे रहना या बेस्वाद खाना खाना बिल्कुल नहीं है। आप घर की बनी दाल, चावल, रोटी और हरी सब्जियां आराम से खाइए, बस यह ध्यान रखिए कि आप कितनी मात्रा में खा रहे हैं। जरूरत से ज्यादा कुछ भी खाना नुकसान देता है।
और सबसे जरूरी बात, अगर आप सच में अपना वजन घटाना चाहते हैं या अपनी फिटनेस को बेहतर करना चाहते हैं, तो इंटरनेट पर कोई भी रैंडम वीडियो देखकर डाइट शुरू ना करें। हमेशा किसी अच्छे डाइटीशियन (Dietitian) या हेल्थ एक्सपर्ट के पास जाएं। वो आपके शरीर, आपकी उम्र और आपके काम के हिसाब से आपको एक सही डाइट प्लान बनाकर देंगे जो सिर्फ आपके लिए बना होगा और आपको कोई नुकसान भी नहीं पहुंचाएगा।
निष्कर्ष : दूसरों की नकल नहीं, अपनी समझदारी दिखाएं
अंत में, इन सारी बातों का सबसे बड़ा निचोड़ यही है कि फिटनेस और सेहत की दुनिया में कोई भी 'शॉर्टकट' या जादुई तरीका नहीं होता है। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर जो चमचमाती दुनिया हमें दिखाई जाती है, वह हमेशा पूरी सच्चाई नहीं होती। विराट कोहली की 80 प्रतिशत उबले हुए खाने वाली डाइट उनके खेल, उनकी दिन-रात की मेहनत और उनके एथलीट वाले शरीर के लिए बिल्कुल सही हो सकती है, लेकिन हम जैसे एक आम इंसान के लिए यह किसी भी तरह से काम की चीज नहीं है।
हमें यह बात बहुत अच्छे से समझनी होगी कि हमारी सेहत और हमारा शरीर किसी भी वायरल ट्रेंड या इंटरनेट के वीडियो से कहीं ज्यादा कीमती है। सिर्फ जल्दी से वजन कम करने की होड़ में या किसी बड़े स्टार जैसी बॉडी पाने के चक्कर में अपने शरीर के साथ कोई भी उल्टा-सीधा प्रयोग करना बहुत भारी पड़ सकता है। फिटनेस का असली मतलब सिर्फ सिक्स-पैक ऐब्स बनाना या शीशे में पतला दिखना बिल्कुल नहीं है। फिटनेस का असली मतलब है कि आप दिन भर कितना एक्टिव रहते हैं और अंदर से खुद को कितना स्वस्थ और ताकतवर महसूस करते हैं।
इसलिए, आगे से किसी भी सेलिब्रिटी का वीडियो देखकर अपनी थाली का खाना बदलने से पहले थोड़ा रुकें और सोचें। अपने घर के बने सादे और ताजे खाने की ताकत को पहचानें। अपनी दाल, रोटी, हरी सब्जियां और अपने किचन के देसी मसालों पर पूरा भरोसा रखें। अगर आपको अपनी जिंदगी से कुछ हटाना ही है, तो अपनी कुछ बुरी आदतों को हटाइए। बाहर का पैकेट वाला खाना, पिज्जा-बर्गर और बहुत ज्यादा मीठा खाने की आदत को बदलें।
समझदारी इसी बात में है कि हमेशा अपनी बॉडी की जरूरत को समझें, अपनी दिनचर्या के हिसाब से अच्छा खाना खाएं और जब भी डाइट में कोई बड़ा बदलाव करना हो, तो डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। याद रखिए, बेहतरीन सेहत वही है जो आपको बीमार ना करे, बल्कि आपको हमेशा खुश और ऊर्जा से भरा रखे।
हेल्थ और फिटनेस से जुड़ी ऐसी ही और भी काम की और आसान भाषा में लिखी खबरों के लिए पढ़ते रहें insideindianews.in। हम आगे भी आपके लिए ऐसे ही जरूरी और फायदे के इंफोर्मेशन लाते रहेंगे।


