आयुष्मान कार्ड कैसे बनाएं? ₹5 लाख का मुफ्त इलाज

क्या आपको पता है कि अचानक आई कोई बीमारी न केवल शरीर को तोड़ती है, बल्कि बैंक बैलेंस भी खाली कर देती है? मिडिल क्लास और गरीब परिवारों के लिए सबसे बड़ा डर यही होता है कि "अगर कोई बड़ा ऑपरेशन या बीमारी आ गई, तो पैसा कहाँ से आएगा?"

​इसी डर को खत्म करने के लिए भारत सरकार ने आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY) शुरू की है। यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है। इस स्कीम के तहत बनने वाला आयुष्मान कार्ड आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि यह आपको ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज दिलाने की ताकत रखता है।

​आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि आयुष्मान कार्ड कैसे बनाएं और इसका पूरा प्रोसेस क्या है। चाहे आप खुद के लिए कार्ड बनाना चाहते हों या अपने परिवार के लिए, यहाँ आपको स्टेप-बाय-स्टेप पूरी जानकारी मिलेगी। तो चलिए, इस लाइफ-सेविंग कार्ड के बारे में सबकुछ विस्तार से समझते हैं।

Ayushman Card kaise banaye online process in Hindi

आयुष्मान कार्ड क्या होता है?

​सरल शब्दों में कहें तो आयुष्मान कार्ड एक "Golden Card" है जो गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बीमारी के समय पैसों की चिंता से आजादी देता है। इसे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत जारी किया जाता है। यह कोई डेबिट या क्रेडिट कार्ड नहीं है, बल्कि एक हेल्थ आईडी है जो यह प्रूफ करती है कि आप सरकारी मदद के हकदार हैं।

​यह कार्ड पूरी तरह से Paperless और Cashless सुविधा पर काम करता है। इसका मतलब है कि अगर आपके पास यह कार्ड है, तो आपको अस्पताल में भर्ती होने पर जेब से एक रुपया भी नहीं देना पड़ता (लिमिट तक)। यह योजना भारत के उन करोड़ों लोगों के लिए बनाई गई है जो प्राइवेट अस्पतालों का भारी-भरकम खर्चा नहीं उठा सकते।

​आयुष्मान कार्ड की कुछ खास बातें:

  • ₹5 लाख का कवर: हर साल एक परिवार को ₹5 लाख तक का हेल्थ इंश्योरेंस मिलता है।
  • पोर्टेबिलिटी: ऐसा नहीं है कि कार्ड बिहार का है तो सिर्फ वहीं काम करेगा। आप पूरे भारत में किसी भी "Empanelled" (योजना से जुड़े) अस्पताल में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • पूरी फैमिली का कवर: इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या या उम्र पर कोई पाबंदी नहीं है।

सुझाव: कई लोग इसे सिर्फ सरकारी योजना समझते हैं, लेकिन सच यह है कि आप इस कार्ड के जरिए बड़े-बड़े Private Hospitals में भी अपना फ्री इलाज करवा सकते हैं, बशर्ते वो अस्पताल आयुष्मान योजना की लिस्ट में शामिल हो।

आयुष्मान कार्ड के फायदे क्या हैं?

Benefits of Ayushman Card PMJAY Scheme

आयुष्मान कार्ड का सबसे बड़ा फायदा तो यही है कि यह आपको बीमारी के समय कर्जदार होने से बचा लेता है। लेकिन इसके अलावा भी कई ऐसी सुविधाएं हैं जिनके बारे में आम तौर पर लोगों को पता नहीं होता। यह कार्ड सिर्फ अस्पताल के बेड का खर्चा ही नहीं, बल्कि बीमारी से जुड़े लगभग हर छोटे-बड़े खर्च को कवर करता है।

​आपको मिलने वाले मुख्य बेनिफिट्स:

  • कैशलेस इलाज (No Cash Needed): अस्पताल में भर्ती होते समय आपको एडवांस पैसे जमा करने की कोई टेंशन नहीं होती। सारा लेन-देन डिजिटल तरीके से सरकार और अस्पताल के बीच होता है।
  • दवाइयों और टेस्ट का खर्च: अस्पताल में भर्ती होने से 3 दिन पहले तक की दवाइयां और जांचें, और डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक का दवाइयों का खर्चा भी इसी स्कीम में कवर होता है।
  • गंभीर बीमारियों का इलाज: इसमें कैंसर, दिल की बीमारी (Heart Surgery), किडनी, घुटने बदलना (Knee Replacement) और मोतियाबिंद जैसे लगभग 1,500 से ज्यादा प्रोसीजर्स शामिल हैं।
  • डे-केयर ट्रीटमेंट: कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं जिनमें 24 घंटे भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती (जैसे डायलिसिस), आयुष्मान कार्ड उनका खर्चा भी उठाता है।
  • एक जरूरी बात: इस कार्ड का फायदा उठाने के लिए मरीज का अस्पताल में कम से कम एक रात भर्ती होना (In-patient) जरूरी है। ओपीडी (OPD) में सिर्फ डॉक्टर को दिखाने की फीस इसमें कवर नहीं होती।


    ​अगर आपके पास यह कार्ड है, तो आप देश के किसी भी राज्य के लिस्टेड हॉस्पिटल में जाकर अपनी आईडी दिखा सकते हैं और बिना किसी कागजी झंझट के अपना इलाज शुरू करवा सकते हैं। यह खासकर उन लोगों के लिए बेस्ट है जो बेहतर इलाज के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों में जाते हैं।

कौन-कौन इसके लिए हकदार (Eligible) है?

​आयुष्मान कार्ड हर किसी के लिए नहीं है; यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। सरकार ने इसकी पात्रता तय करने के लिए SECC-2011 (Socio-Economic Caste Census) के आंकड़ों का सहारा लिया है। अगर आपका नाम इस डेटाबेस में है या आप नीचे दी गई कैटेगरी में आते हैं, तो आप आसानी से कार्ड बनवा सकते हैं।

​ग्रामीण इलाकों (Rural Areas) के लिए पात्रता:

  • ​ऐसे परिवार जो कच्चे मकानों में रहते हैं (जिनकी दीवारें और छत कच्ची हों)।
  • ​भूमिहीन परिवार जो दिहाड़ी मजदूरी करके अपना घर चलाते हैं।
  • ​ऐसे परिवार जिनमें 16 से 59 साल की उम्र का कोई वयस्क पुरुष सदस्य नहीं है।
  • ​अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) से आने वाले लोग।

​शहरी इलाकों (Urban Areas) के लिए योग्यता:

​शहरी क्षेत्रों में व्यवसाय या काम के आधार पर पात्रता तय होती है, जैसे:

  • ​कचरा बीनने वाले (Rag pickers), भिखारी, या घरेलू कामगार।
  • ​रेहड़ी-पटरी वाले, मोची, या सड़कों पर सामान बेचने वाले।
  • ​कंस्ट्रक्शन वर्कर, प्लंबर, राजमिस्त्री, पेंटर और वेल्डर।
  • ​रिक्शा चालक, कुली, या डिलीवरी बॉय।

​योग्यता चेक करने का आसान तरीका (Quick Tip):

​अगर आप सोच रहे हैं कि आपका नाम लिस्ट में है या नहीं, तो आप "Am I Eligible" पोर्टल (pmjay.gov.in) पर जाकर अपना मोबाइल नंबर और राशन कार्ड नंबर डालकर चेक कर सकते हैं।

सुझाव: अब सरकार ने अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और Priority Household (PHH) राशन कार्ड धारकों के लिए भी आयुष्मान कार्ड बनाना बहुत आसान कर दिया है। अगर आपका राशन कार्ड इन कैटेगरीज में है, तो आप सीधे तौर पर पात्र माने जा सकते हैं।

आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?

Documents required for Ayushman Card registration

आयुष्मान कार्ड बनवाने का प्रोसेस अब काफी डिजिटल और पेपरलेस हो गया है, इसलिए आपको बहुत ज्यादा कागजों के बंडल की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन, कुछ
Basic Documents आपके पास होने बहुत जरूरी हैं ताकि वेरिफिकेशन के समय आपका आवेदन रिजेक्ट न हो।

​अगर आप अपना कार्ड अप्लाई करने जा रहे हैं, तो नीचे दी गई लिस्ट को एक बार जरूर चेक कर लें:

​अनिवार्य दस्तावेज (Compulsory Documents):

  • आधार कार्ड (Aadhaar Card): यह सबसे महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट है। आपका आधार कार्ड आपके मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए ताकि ई-केवाईसी (e-KYC) आसानी से हो सके।
  • राशन कार्ड (Ration Card): पात्रता चेक करने के लिए राशन कार्ड सबसे बड़ा सबूत माना जाता है। खासकर अगर आपका नाम लिस्ट में नहीं दिख रहा है, तो राशन कार्ड के जरिए इसे खोजा जा सकता है।
  • सक्रिय मोबाइल नंबर (Active Mobile Number): रजिस्ट्रेशन के दौरान ओटीपी (OTP) प्राप्त करने के लिए इसकी जरूरत पड़ती है।

​कुछ अन्य सहायक दस्तावेज (Optional/Supporting):

  • निवास प्रमाण पत्र: यह साबित करने के लिए कि आप उसी राज्य के निवासी हैं जहाँ से अप्लाई कर रहे हैं।
  • आय प्रमाण पत्र (Income Certificate): कुछ केसेस में यह आपकी आर्थिक स्थिति बताने के लिए मांगा जा सकता है।
  • पासपोर्ट साइज फोटो: अगर आप ऑफलाइन सेंटर (CSC) पर जा रहे हैं, तो इसे साथ रखें (हालांकि ज्यादातर जगह लाइव फोटो ही खींची जाती है)।
  • सुझाव: हमेशा ध्यान रखें कि आपके आधार कार्ड और राशन कार्ड में आपकी Personal Details (जैसे नाम और जन्मतिथि) एक जैसी होनी चाहिए। अगर इनमें बड़ा अंतर है, तो पहले इन्हें ठीक करवा लें, वरना वेरिफिकेशन फेल हो सकता है।


    ​अगर आपके पास ये सभी दस्तावेज तैयार हैं, तो आप अगले 5-10 मिनट में घर बैठे अपना कार्ड अप्लाई कर सकते हैं। चलिए देखते हैं इसका ऑनलाइन प्रोसेस क्या है।

आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन (Apply) कैसे करें?

​आजकल आयुष्मान कार्ड बनाना बहुत आसान हो गया है। आप इसे खुद अपने स्मार्टफोन से या पास के किसी सेंटर पर जाकर बनवा सकते हैं। इसके दो सबसे मुख्य तरीके हैं:

​1. "Ayushman App" से खुद अप्लाई करें (Self Registration)

​यह सबसे आसान तरीका है जिसे आप घर बैठे फॉलो कर सकते हैं:

  • ​सबसे पहले Google Play Store से Ayushman App डाउनलोड करें।
  • ​App खोलें और 'Login' पर क्लिक करके 'Beneficiary' विकल्प चुनें।
  • ​अपना मोबाइल नंबर डालें और OTP के जरिए लॉगिन करें।
  • ​अब अपना राज्य (State), स्कीम (PMJAY), और अपना जिला चुनें।
  • ​अपनी पात्रता खोजने के लिए Ration Card (Family ID) या Aadhaar Number का इस्तेमाल करें।
  • ​अगर आपका नाम लिस्ट में आता है, तो 'Authenticate' पर क्लिक करें और अपनी e-KYC (Aadhaar OTP या Face Authentication) पूरी करें।
  • ​फोटो क्लिक करें और सबमिट कर दें। वेरिफिकेशन के बाद आपका कार्ड अप्रूव हो जाएगा।

​2. जन सेवा केंद्र (CSC) या सरकारी अस्पताल जाकर

​अगर आप खुद ऑनलाइन नहीं कर पा रहे हैं, तो:

  • ​अपने नजदीकी CSC Center (प्रज्ञा केंद्र) या किसी भी लिस्टेड सरकारी/प्राइवेट अस्पताल में स्थित 'Ayushman Mitra' के पास जाएं।
  • ​उन्हें अपना आधार कार्ड और राशन कार्ड दें।
  • ​वे अपने पोर्टल से आपकी पात्रता चेक करेंगे और फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन के जरिए आपकी KYC कर देंगे।
  • Note: कार्ड अप्लाई करने के बाद इसे तुरंत डाउनलोड नहीं किया जा सकता (कभी-कभी)। सरकारी अधिकारियों द्वारा डेटा वेरीफाई होने में 24 से 48 घंटे का समय लग सकता है, जिसके बाद आप इसे डाउनलोड कर पाएंगे।


    सुझाव: आयुष्मान ऐप पर Face Auth का फीचर बहुत कमाल का है। अगर आपके आधार में मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, तो आप सिर्फ अपना चेहरा स्कैन करके भी KYC पूरी कर सकते हैं।

आयुष्मान कार्ड का स्टेटस ऑनलाइन कैसे चेक करें?

​कार्ड के लिए अप्लाई करने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि "मेरा कार्ड बना या नहीं?" कई बार आवेदन पेंडिंग में चला जाता है या किसी छोटी सी गलती की वजह से रिजेक्ट हो जाता है। इसका स्टेटस चेक करना अब बहुत आसान है और आप इसे चुटकियों में अपने फोन से देख सकते हैं।

​स्टेटस चेक करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका:

  • Ayushman App या Portal पर जाएं: सबसे पहले 'Ayushman App' खोलें या आधिकारिक पोर्टल (beneficiary.nha.gov.in) पर लॉगिन करें।
  • Search Beneficiary: अपनी डिटेल्स (जैसे राज्य, जिला और राशन कार्ड नंबर) डालकर सर्च करें।
  • Status देखें: सर्च रिजल्ट में आपके परिवार के सभी सदस्यों के नाम आ जाएंगे। नाम के सामने आपको अलग-अलग रंग के स्टेटस दिखेंगे:
    • Approved (Green): इसका मतलब है आपका कार्ड बन चुका है और डाउनलोड के लिए तैयार है।
    • Pending (Yellow): इसका मतलब है कि आपका आवेदन अभी सरकारी अधिकारियों की जांच में है। थोड़ा इंतजार करें।
    • Rejected (Red): इसका मतलब है कि आपकी जानकारी मैच नहीं हुई और आवेदन रद्द हो गया है।
  • काम की बात: अगर आपका स्टेटस काफी दिनों से 'Pending' दिखा रहा है, तो आप टोल-फ्री नंबर 14555 पर कॉल करके इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं या नजदीकी सरकारी अस्पताल के आयुष्मान काउंटर पर जाकर इसे जल्दी अप्रूव करने की रिक्वेस्ट कर सकते हैं।


    ​अक्सर देखा गया है कि अगर आधार में फोटो बहुत पुरानी हो या राशन कार्ड में नाम की स्पेलिंग गलत हो, तो स्टेटस पेंडिंग में अटक जाता है। ऐसी स्थिति में आपको दोबारा सही डॉक्यूमेंट्स के साथ री-अप्लाई करना पड़ सकता है।

आयुष्मान कार्ड डाउनलोड कैसे करें?

​जब आपका कार्ड 'Approved' हो जाता है, तो उसे फिजिकल रूप में घर आने का इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं है। आप इसे तुरंत डिजिटल फॉर्मेट में डाउनलोड करके इस्तेमाल कर सकते हैं। यह डिजिटल कार्ड भी उतना ही मान्य है जितना कि प्लास्टिक वाला कार्ड।

​डाउनलोड करने का आसान तरीका:

  1. Portal या App पर लॉगिन करें: सबसे पहले beneficiary.nha.gov.in पर जाएं या आयुष्मान ऐप ओपन करें।
  2. Login as Beneficiary: अपना मोबाइल नंबर डालें, OTP वेरिफिकेशन करें और लॉगिन हो जाएं।
  3. Search Family: अपना राज्य, स्कीम और आधार नंबर/राशन कार्ड नंबर डालकर सर्च करें।
  4. Download Card का ऑप्शन: आपके नाम के सामने अगर 'Approved' लिखा है, तो वहीं पर एक छोटा सा Download का बटन या आइकॉन दिखेगा।
  5. e-KYC दोबारा करें: सुरक्षा कारणों से डाउनलोड करने से पहले एक बार फिर आधार OTP या फेस ऑथेंटिकेशन मांगा जा सकता है।
  6. PDF फाइल सेव करें: जैसे ही वेरिफिकेशन पूरा होगा, आपके परिवार के सभी सदस्यों के कार्ड स्क्रीन पर आ जाएंगे। आप अपना कार्ड सेलेक्ट करके उसे PDF फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं।
  7. प्रो टिप: डाउनलोड करने के बाद इस PDF का किसी अच्छी क्वालिटी के पेपर या PVC कार्ड पर कलर प्रिंट आउट निकलवा लें। इसे लेमिनेट करवाकर अपने पास रखें ताकि यह खराब न हो।


    ​आप चाहें तो इस कार्ड को अपने DigiLocker में भी सेव कर सकते हैं। वहां से इसे कहीं भी कभी भी एक्सेस करना और भी आसान हो जाता है और फिजिकल कार्ड खोने का डर भी नहीं रहता।

अस्पताल में आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल कैसे करें?

​कार्ड बन जाने के बाद असली सवाल यह आता है कि मुसीबत के समय इसे इस्तेमाल कैसे करना है। कई लोग घबरा जाते हैं कि क्या अस्पताल वाले उन्हें मना तो नहीं कर देंगे? अगर आप सही तरीका जानते हैं, तो आपको एक रुपया भी खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

​इलाज शुरू करवाने का पूरा प्रोसेस:

  • अस्पताल की पहचान: सबसे पहले चेक करें कि जिस अस्पताल में आप जा रहे हैं, वह आयुष्मान योजना के तहत रजिस्टर्ड है या नहीं। आप आयुष्मान ऐप या वेबसाइट पर "Find Hospital" फीचर का इस्तेमाल करके लिस्ट देख सकते हैं।
  • आयुष्मान मित्र (Ayushman Mitra) से मिलें: हर लिस्टेड अस्पताल में एक 'आयुष्मान हेल्प डेस्क' होता है। वहां आपको आयुष्मान मित्र मिलेंगे। आपको सीधे उनसे जाकर मिलना है।
  • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन: आयुष्मान मित्र को अपना आयुष्मान कार्ड (डिजिटल या प्रिंटेड) और आधार कार्ड दिखाएं। वे आपके कार्ड का बैलेंस और आपकी पहचान वेरीफाई करेंगे।
  • इलाज की शुरुआत: वेरिफिकेशन होते ही अस्पताल आपका इलाज शुरू कर देगा। डॉक्टर जो भी टेस्ट या सर्जरी लिखेंगे, उसका सारा क्लेम अस्पताल सीधे सरकार से करेगा।
  • महत्वपूर्ण जानकारी: इलाज के दौरान अगर अस्पताल आपसे पैसों की मांग करता है, तो तुरंत 14555 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करें। याद रखें, भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज होने तक सब कुछ Cashless है।


    ​डिस्चार्ज के समय आपको एक भी बिल भरने की जरूरत नहीं होती। बस आपको एक फीडबैक फॉर्म या कन्फर्मेशन पेपर पर साइन करना होता है कि आपका इलाज संतोषजनक रहा।

आयुष्मान कार्ड बनवाते समय होने वाली आम समस्याएं और समाधान

​आयुष्मान कार्ड बनवाना वैसे तो आसान है, लेकिन कई बार तकनीकी कारणों या जानकारी की कमी की वजह से लोग परेशान हो जाते हैं। अगर आप भी किसी दिक्कत का सामना कर रहे हैं, तो नीचे दी गई समस्याओं और उनके समाधानों को ध्यान से पढ़ें:

​1. डेटा मैच न होना (Data Mismatch)

​सबसे ज्यादा समस्या तब आती है जब आपके आधार कार्ड और राशन कार्ड में नाम की स्पेलिंग या जन्मतिथि (DOB) अलग-अलग होती है। ऐसी स्थिति में सिस्टम आपकी पात्रता को रिजेक्ट कर देता है।

  • समाधान: पहले अपने आधार कार्ड को अपडेट करवाएं ताकि वह राशन कार्ड की जानकारी से मैच करे।

​2. "No Record Found" एरर

​जब आप पोर्टल पर सर्च करते हैं और लिखा आता है "No Record Found", तो इसका मतलब है कि आपका नाम SECC-2011 के डेटाबेस में या आयुष्मान की वर्तमान लिस्ट में शामिल नहीं है।

  • समाधान: अगर आपके पास 'लाल' या 'पीला' राशन कार्ड है, तो नजदीकी CSC सेंटर जाकर चेक करवाएं कि क्या आपका राशन कार्ड पोर्टल पर लिंक हुआ है।

​3. ई-केवाईसी (e-KYC) पेंडिंग रहना

​कई बार फोटो साफ न होने या फिंगरप्रिंट मैच न होने की वजह से KYC अटक जाती है और स्टेटस महीनों तक 'Pending' रहता है।

  • समाधान: आयुष्मान ऐप के Face Auth (चेहरा पहचान) फीचर का इस्तेमाल करें, यह ओटीपी या फिंगरप्रिंट के मुकाबले ज्यादा सटीक और तेज काम करता है।

​4. मोबाइल नंबर लिंक न होना

​आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक न होने पर ओटीपी नहीं आता, जिससे खुद से आवेदन करना मुश्किल हो जाता है।

  • समाधान: आप सीधे किसी भी सरकारी अस्पताल के आयुष्मान काउंटर या जन सेवा केंद्र (CSC) जाएं। वहां बायोमेट्रिक (अंगूठे के निशान) के जरिए आपका कार्ड बिना मोबाइल ओटीपी के बन जाएगा।
  • हेल्पलाइन नंबर: अगर आपकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, तो भारत सरकार के टोल-फ्री नंबर 14555 या 1800111565 पर कॉल करें। यह सेवा 24/7 उपलब्ध है और आप अपनी भाषा में मदद पा सकते हैं।  

    निष्कर्ष (Conclusion)

    ​आज के समय में आयुष्मान कार्ड केवल एक सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि आपके परिवार की सेहत के लिए एक सुरक्षा कवच है। जैसा कि हमने देखा, आयुष्मान कार्ड कैसे बनाएं इसका प्रोसेस अब इतना आसान हो गया है कि आप अपने घर के सोफे पर बैठकर भी इसे अप्लाई कर सकते हैं। ₹5 लाख तक का फ्री इलाज किसी भी इमरजेंसी में आपके लिए बहुत बड़ा सहारा साबित हो सकता है।

    ​अगर आपने अभी तक अपना या अपने परिवार का कार्ड नहीं बनवाया है, तो देर मत कीजिए। आज ही अपनी पात्रता चेक करें और बताए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपना डिजिटल कार्ड डाउनलोड करें। याद रखिए, सेहत से बढ़कर कुछ भी नहीं है और सही समय पर लिया गया एक छोटा सा फैसला भविष्य की बड़ी परेशानियों को टाल सकता है।

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

    1. क्या आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए कोई फीस लगती है?

    जी नहीं, यह कार्ड पूरी तरह से मुफ्त (Free) है। अगर कोई आपसे इसके लिए पैसे मांगता है, तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं।

    2. क्या एक बार ₹5 लाख खर्च होने के बाद कार्ड दोबारा इस्तेमाल हो सकता है?

    यह लिमिट हर साल रिन्यू होती है। यानी हर साल आपको ₹5 लाख का कवर मिलता है। अगर एक साल में लिमिट खत्म हो जाए, तो अगले साल फिर से ₹5 लाख मिल जाएंगे।

    3. क्या प्राइवेट अस्पताल में आयुष्मान कार्ड चलता है?

    हाँ, लेकिन सिर्फ उन्हीं प्राइवेट अस्पतालों में जो आयुष्मान भारत योजना के साथ रजिस्टर्ड (Empanelled) हैं। आप ऐप पर जाकर लिस्ट चेक कर सकते हैं।

    4. अगर आधार में मोबाइल नंबर लिंक नहीं है तो क्या करें?

    चिंता न करें, आप पास के CSC Center पर जाकर फिंगरप्रिंट के जरिए अपना कार्ड बनवा सकते हैं।

    ​उम्मीद है यह जानकारी आपके काम आएगी। अगर आपके मन में कोई और सवाल है, तो नीचे कमेंट में जरूर पूछें!

Written by: M Hasan
Reporter – Inside India News
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